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Showing posts from August, 2018

मान्यवर कांशीराम साहब की विकिपीडिया

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मान्यवर कांशीराम साहब की विकिपीडिया कांशीराम पृष्ठ संबंधित मसले भारतीय राजनेता और सामाजिक कार्यकर्ता कांशीराम  (१५ मार्च १९३४ – ९ अक्टूबर २००६) भारतीय राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक थे। [1]  उन्होंने  भारतीय वर्ण व्यवस्था  में  अछूतों  और  दलितों  के राजनीतिक एकीकरण तथा उत्थान के लिए कार्य किया। [2]  इसके अन्त में उन्होंने दलित शोषित संघर्ष समिति (डीएसएसएसएस), १९७१ में अखिल भारतीय पिछड़ा और अल्पसंख्यक समुदायों कर्मचारी महासंघ ( बामसेफ ) और १९८४ में  बहुजन समाज पार्टी  (बसपा) की स्थापना की। कांशीराम बहुजन समाज पार्टी  के संस्थापक और अध्यक्ष पद बहाल १९८४ – १९९५ उत्तरा धिकारी मायावती होशियारपुर  से भारतीय सांसद पद बहाल १९९६ – १९९८ पूर्वा धिकारी कमल चौधरी उत्तरा धिकारी कमल चौधरी इटावा  से भारतीय सांसद पद बहाल १९९१ – १९९६ पूर्वा धिकारी राम सिंह शक्य उत्तरा धिकारी राम सिंह शक्य जन्म १५ मार्च १९३४ पिर्थीपुर बुंगा ग्राम, ...

बाबा रामदेव जी व ठाकुर अजमाल का इतिहास

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ठाकुर अजमाल जी व  बाबा रामदेव जी का इतिहास जिन्होने राजस्थान के लोकदेवता बाबा रामापीर के इतिहास व लोक साहित्य का कभी  कोई गहन अध्ययन ही नही किया ..  वे लोग बाबा रामापीर को केवल अजमल घर अवतारी ( अर्थात किसी पालणे मे प्रकट ) ही मानते है ..  जबकि उनका जन्म सायर जी मेघवाल (गोत्र जयपाल ) के घर मां मंगनीदे की कोख से हुआ था ..  ठाकुर अजमाल जी के आदेशानुसार ही सायर जी मेघवाल ने अपने नन्हे बालक रामदेव को रहस्यमय ढंग से उनके घर बीरमदेव के पालणे मे सुलाया था ...   मध्यकालीन सामंतकाल मे उस समय छुआछुत के कारण ठाकुर अजमाल जी ने उन्हे मेघवंशी न बतलाकर अपने घर पालणे मे प्रकट ही बताया..  क्यो कि ठाकुर अजमाल जी एक सच्चै मानवतावादी संत महापुरुष थे ...  उऩ्हे मेघवंशियो से कोई घृणा नही थी ..  इसिलिये उन्होने जिवन भर कभी बाबा रामदेव को मेघवालो के घर आने जाने व उन्ही के साथ जम्मा जागरण करने पर कोई ऐतराज नही किया ...  जबकि अजमाल जी के भाई धनरूप जी की बेटी सुगणा के ससुराल पुंगलगढ वाले तो इसिलिये बाबा रामदेव से बेहद नफरत करते थे ...   ...

बहुजन संघर्ष दल के तत्वाधान में होने जा रहा है महा सम्मेलन , नागौर जिले के भेड़ गांव में

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बहुजन संघर्ष दल के तत्वाधान में होने जा रहा है महा सम्मेलन  , नागौर जिले में 2 सितंबर 2018 वर रविवार समय सुबह 11 बजे से  आजादी के 72 बरस बाद भी SC ST OBC एवं अल्पसंख्यक समुदाय पर अन्याय अत्याचार एवं उत्पीड़न आज भी जारी है गत वर्ष में उत्तर प्रदेश में सहारनपुर राजस्थान में डांगावास हरियाणा में मिर्चपुर गोवा में दूल्हा आदि जातीय दंगों का डांस बहुजन समाज लगातार बढ़ता जा रहा जातिगत दंगे के दोषी ओम शांति मानसिकता रोक लगाने हेतु मानव सभ्यता को कलंकित करने वाले जातीय दंगों को रोकने के लिए कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुईको जाति उत्पीड़न एवं दंगों के शिकार लोगों को उचित मुआवजा देकर समय पर न्याय दिलाने की व्यवस्था नहीं की गई हुई आर्थिक बराबरी का कानून बनाकर SC ST के लोगों के उत्थान एवं कल्याण के लिए केंद्र सरकार तथा राज्य सरकारें 1952 से लेकर 2018 तक लगातार अलग से लाखों रुपए का बजट पास करती है परंतु खेद का विषय है कि उपरोक्त समाज के लोगों का आज 72 वर्ष की आजादी के बाद भी किसी प्रकार का उत्थान नजर नहीं आ रहा अतः आप लोगों से अपील है कि उपरोक्त कार्यक्रम में तन मन धन से सहयोग करें ...

कांग्रेस का हाथ छोड़ इस नेता ने शुरू की हाथी की सवारी

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छत्तीसगढ़ में बहुजन समाज पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए हर कोशिश कर रही है. अब बहुजन समाज पार्टी में अन्य राष्ट्रीय दलों के नेता भी शामिल होने शुरू हो गए हैं. छत्तीसगढ़ में बहुजन समाज पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए हर कोशिश कर रही है.  अब बहुजन समाज पार्टी में अन्य राष्ट्रीय दलों के नेता भी शामिल होने शुरू हो गए हैं. बसपा का कांग्रेस से गठबंधन कर चुनाव लड़ने की चर्चाएं समय-समय पर होती रहती हैं. इस बीच कांग्रेस के भोजराज गौरखेड़े ने अपने हजारों कर्ताकर्ताओं के साथ कांग्रेस का हाथ छोड़ हाथी की सवारी का मन बना लिया है. बसपा के प्रदेश अध्यक्ष ओपी बाजपेयी का कहना है कि भारतीय बौद्ध महासभा के महासचिव और कांग्रेस नेता भोजराज गौरखेड़े के पार्टी प्रवेश के बाद बसपा के पदाधिकारी काफी उत्साहित हैं. उनका दावा है कि आने वाले समय में अन्य दलों के बड़े नेता और कार्यकर्ता बसपा में प्रवेश कर सकते हैं. कई नेताओं से बातचीत चल रही है. चुनाव से छत्तीसगढ़ राजनीति में बड़े नाम बसपा के साथ जुड़ सकते हैं.

ड्रा बी आर अम्बेडकर , जनरल नॉलेज के प्रश्न & परिचय

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ड्रा बी आर अम्बेडकर पुरा परिचय *प्रश्न 1-*      डॉ अम्बेडकर का जन्म कब हुआ था? *उत्तर-*       14 अप्रैल 1891 ----------------------------------------- *प्रश्न 2-*       डॉ अम्बेडकर का जन्म कहां हुआ था ? *उत्तर-*      मध्य प्रदेश  इंदौर के  महू छावनी  में हुआ था। ----------------------------------------- *प्रश्न 3-*     डॉ अम्बेडकर के पिता का नाम क्या था? *उत्तर-*        रामजी मोलाजी सकपाल था। ----------------------------------------- *प्रश्न 4-*      डॉ अम्बेडकर की माता का नाम क्या था? *उत्तर-*         भीमा बाई । ----------------------------------------- *प्रश्न 5-*      डॉ अम्बेडकर के पिता का क्या करते थे? *उत्तर-*        सेना मैं सूबेदार थे ।  -----------------------------------------                      ...

शहीद के शहादत_को_नमन गोमद जयपाल मेघवाल

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शहीद गोमद जयपाल की शहादत को नमन                         शहादत_को_नमन Exclusive Big Breaking #जम्मू कश्मीर / जैसलमेर देश की रक्षा करते जैसाणें का #सपूत शहीद, शहीद #गोमंद #जयपाल (मेघवाल) है डेलासर गांव का निवासी, सीमावर्ती इलाकें का लाल हुआ शहीद, डेलासर गांव का लाल हुआ शहीद, लेह लद्दाक में #दुश्मनों से #लोहा_लेते हुआ शहीद, आज सुबह हुआ गोमंत जयपाल शहीद, गोमंद जयपाल नामक देश का #जाबांज_हुआ_शहीद, ड्यूटी के दौरान दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद, भारतीय सेना में था शहीद गोमंत जयपाल तैनात, कल डेलासर गांव में होंगा अंतिम संस्कार, हजारों लोग नम आंखों से देंगे #श्रद्धांजलि, गांव में बना हुआ गमगीन माहौल, #परिजनों के रो रो कर हो रहे बुरेहाल, #जैसलमेर जिले के शहीदों के नाम में देश के सपूत #गोमंद_जयपाल शामिल, छोटी उम्र में शहीद हुआ गोमंद जयपाल |

कटारिया बने खींवसर ब्लॉक के अध्यक्ष

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कटारिया बने खींवसर ब्लांक के अध्यक्ष _ _ _ _ शिक्षक संघ अम्बेडकर की जिला कार्यकारिणी की बैठक में  संग के जिलाध्यक्ष लक्ष्मणराम ने सर्व सहमति से खींवसर उपशाखा  के ब्लांक अध्यक्ष भंवर लाल कटारिया को बनाया गया ।'जिलाध्यक्ष ने बताया कि बामणियावाला में कार्यरत कटारिया लम्बे समय से शिक्षक संग में अपनी सेवाएं देते हुए हमेशा शिक्षा व शिक्षकों के हितों की मांगें मजबूती से उठाते रहते है । नव नियुक्त ब्लांक अध्यक्ष ने कहा कि शीघ्र ही बलांक कार्यकारिणी का गठन किया जायेगा।

मंदिर में सिर जुकाते हुए

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* क्या करोगे आखिर मंदिर में उनके जाकर ,  थोड़ा सिर झुकाओगे और लुट कर वापिस घर जाओगे,  * पत्थरों पर धन लुटाकर सोचो तुम क्या पाओगे,    सब कुछ पाकर भी हाथ मलते रह जाओगे.. * इन्होंने आज तक किसी को क्या दिया है,    जो तुम इन से पाओगे.. * थोड़ा पीट लोगे और कुत्ते की ,    तरह दुत्कार दिए जाओगे.. * इन्होंने ही तो शोषण अपना करवाया है,   वह शोषित वंचित सबसे बड़ा मूर्ख है ,   जिसने इन को शीश नवाया है.. * इनकी चाल को आखिर तुम कब समझ पाओगे, * अगर ऐसे ही तुम्हारे करम रहे ,  तो फिर से मनुस्मृति का शासन तुम पाओगे.. * गले में हाड्डी और पिछवाड़े में झाडू ,     फिर लटकवाओगे.. * प्यासे तुम मर जाओगे लेकिन ,     पानी नहीं तुम पाओगे.. * पशुओं से भी बदतर जीवन तुम इनाम में पाओगे,    शिक्षा संपत्ति अधिकार, विहिन जीवन तुम बिताओगे.. * गांव से बाहर बस्ती फिर तुम बसाओगे,   एक बार फिर से अछूत तुम बन जाओगे... एक बार फिर से अछूत तुम बन जाओगे !!!

विद्या गोतम भूख हड़ताल पर फिर भी मीडिया नहीं दिखा रही है ऐसा कियू?

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*अन्ना हजारे अकेला भूख हड़ताल पर बैठता है तो मनुवादी मीडिया पूरे देश में हलचल पैदा कर देता है लेकिन शोषित समाज की एक बेटी विद्या गौतम करीब चार हजार समर्थकों के साथ १८ दिनों से भूख हड़ताल पर बैठी है फिर भी कोई हलचल नहीं, ऐसा क्यों ?*            अखिल भारतीय अंबेडकर महासभा के तत्वाधान में राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन विद्या गौतम के नेतृत्व मे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (भीख नहीं भागीदारी देश की हर ईट में चाहिए हिस्सेदारी) जो कि आर्थिक आजादी को लेकर पूरे देश में 180 जगह करीब 4000 हजार लोग आमरण अनशन पर बैठे हैं राजस्थान प्रदेश में यह आंदोलन पांचाराम जी इंदावड़ के नेतृत्व में आठ अगस्त से लगातार जारी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि आज २५ अगस्त को १८ दिन हो जाने के बाद भी सरकार का कोई नुमाइंदा हमसे बात करने के लिए नही आया और सभी आंदोलनकारियों की तबियत बिगड़ चुकी हैं। आज पांचा राम जी और उनके साथ बैठे 10 पुरुष और 4 औरते जो मेड़ता सिटी के गाँव कुम्पडास मे बैठे हुए हैं। इन आंदोलन कारियों में 4 औरतों और एक पुरुष की आज तबियत बिगड़ जाने पर मेड़ता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिर भ...

रक्षाबंधन का सच

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*😊😊 रक्षाबंधन का सच😊😊*        एक बार पूरा अवश्य पढें।                                           🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 *अपना तर्क लगायें. इतिहास को जाने. नया इतिहास रचें*.        🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃 *रक्षाबंधन भाई बहन का त्योहार नहीं है. क्या हिंदुओं में ही भाई बहन होते हैं. सिक्ख, मुसलमानों, ईसाईयों, जैन पारसियों या बौद्धों में भाई बहन नहीं होते. यदि यह त्यौहार भाई बहनों का त्यौहार होता तो सिक्ख, मुसलमान, ईसाई, जैन पारसी या बौद्ध भाई बहन भी इसे मनाते!* *वर्ण व्यवस्था के अनुसार यह ब्राह्मणों का त्योहार है। इतिहास काल से अब तक ब्राह्मणों द्वारा क्षत्रियों को रक्षा सूत्र बांधा जाता रहा है उन्हे ब्राह्मणों की रक्षा की शपथ दिलाई जाती रही है।* *”धर्मशास्त्र का इतिहास” नामक पुस्तक के चौथेखण्ड के पृष्ठ १२४ में भारत रत्न पी वी काणे (पांडुरंग वामनराव काणे) लिखते है “आज ब्राम्हण शूद्र के घरों मे जाकर उन्हें तथा कथित रक्षा सूत्र(जो वास्तव मे ...

2 अप्रैल एससी एसटी एक्ट मामले में जिन पर मुकदमा लगा है उनका केश संदीप कुमार फ्री में लड़ेंगे

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