ज्ञान की देवी माता सावित्रीबाई फुले जी को नमन शिक्षक दिवस की देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं

ज्ञान की देवी माता सावित्रीबाई फुले जी को नमन
शिक्षक दिवस की देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं

1848 में पुणे में अपने पति के साथ मिलकर विभिन्न जातियों की नौ छात्राओं के साथ उन्होंने एक विद्यालय की स्थापना की। एक वर्ष में सावित्रीबाई और महात्मा फुले पाँच नये विद्यालय खोलने में सफल हुए। तत्कालीन सरकार ने इन्हे सम्मानित भी किया। एक महिला प्रिंसिपल के लिये सन् 1848 में बालिका विद्यालय चलाना कितना मुश्किल रहा होगा, इसकी कल्पना शायद आज भी नहीं की जा सकती। लड़कियों की शिक्षा पर उस समय सामाजिक पाबंदी थी। सावित्रीबाई फुले उस दौर में न सिर्फ खुद पढ़ीं, बल्कि दूसरी लड़कियों के पढ़ने का भी बंदोबस्त किया, वह भी पुणे जैसे शहर में।
सावित्रीबाई फुले
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सावित्रीबाई फुले
कवयित्री

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सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, समाज सुधारिका एवं मराठी कवयित्री थीं। उन्होंने अपने पति ज्योतिराव गोविंदराव फुले के साथ मिलकर स्त्रियों के अधिकारों एवं शिसे कार्य किए।विकिपीडिया
जन्म: 3 जनवरी 1831, नायगाव
मृत्यु: 10 मार्च 1897, पुणे
पूर्ण नाम: Savitribai Jyotirao Phule
पति/पत्नी: ज्योतिराव गोविंदराव फुले (विवा. 1840–1890)
मौत की वजह: गिल्टी प्लेग

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