मा. कांशीराम साहब के 12 वें परिनिर्वाण दिवस पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए
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बहुजन समाज को हुक्मरान बनाने वाले राजनीति के #महावैज्ञानिक_मान्यवर_साहब_कांशीराम_जी के 12 वें महापरिनिर्वाण दिवस ( 9 अक्टूबर 2018 ) पर साहब को करोड़ों करोड़ो बार नमन
🙏🙏🙏💐💐💐 पुष्प अर्पित करते हुए बहुजन साथी मदनलाल जी , दिनेश मेघवंशी, भूराराम जी , जीयाराम जी, श्रवण जी , मेघाराम, नेनाराम , श्रवण , विक्रम , प्रकाश, राकेश , राजेश , कानाराम, बीजाराम जी, हरिराम जी , मुनाराम जी ,और मेरे सभी साथी ।
ज्ञान की देवी माता सावित्रीबाई फुले जी को नमन शिक्षक दिवस की देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं 1848 में पुणे में अपने पति के साथ मिलकर विभिन्न जातियों की नौ छात्राओं के साथ उन्होंने एक विद्यालय की स्थापना की। एक वर्ष में सावित्रीबाई और महात्मा फुले पाँच नये विद्यालय खोलने में सफल हुए। तत्कालीन सरकार ने इन्हे सम्मानित भी किया। एक महिला प्रिंसिपल के लिये सन् 1848 में बालिका विद्यालय चलाना कितना मुश्किल रहा होगा, इसकी कल्पना शायद आज भी नहीं की जा सकती। लड़कियों की शिक्षा पर उस समय सामाजिक पाबंदी थी। सावित्रीबाई फुले उस दौर में न सिर्फ खुद पढ़ीं, बल्कि दूसरी लड़कियों के पढ़ने का भी बंदोबस्त किया, वह भी पुणे जैसे शहर में। savitribai phule See results in English सावित्रीबाई फुले हिंदी परिणाम सावित्रीबाई फुले कवयित्री फ़ॉलो करें और देखें सावित्रीबाई ...
ठाकुर अजमाल जी व बाबा रामदेव जी का इतिहास जिन्होने राजस्थान के लोकदेवता बाबा रामापीर के इतिहास व लोक साहित्य का कभी कोई गहन अध्ययन ही नही किया .. वे लोग बाबा रामापीर को केवल अजमल घर अवतारी ( अर्थात किसी पालणे मे प्रकट ) ही मानते है .. जबकि उनका जन्म सायर जी मेघवाल (गोत्र जयपाल ) के घर मां मंगनीदे की कोख से हुआ था .. ठाकुर अजमाल जी के आदेशानुसार ही सायर जी मेघवाल ने अपने नन्हे बालक रामदेव को रहस्यमय ढंग से उनके घर बीरमदेव के पालणे मे सुलाया था ... मध्यकालीन सामंतकाल मे उस समय छुआछुत के कारण ठाकुर अजमाल जी ने उन्हे मेघवंशी न बतलाकर अपने घर पालणे मे प्रकट ही बताया.. क्यो कि ठाकुर अजमाल जी एक सच्चै मानवतावादी संत महापुरुष थे ... उऩ्हे मेघवंशियो से कोई घृणा नही थी .. इसिलिये उन्होने जिवन भर कभी बाबा रामदेव को मेघवालो के घर आने जाने व उन्ही के साथ जम्मा जागरण करने पर कोई ऐतराज नही किया ... जबकि अजमाल जी के भाई धनरूप जी की बेटी सुगणा के ससुराल पुंगलगढ वाले तो इसिलिये बाबा रामदेव से बेहद नफरत करते थे ... ...
पांचौड़ी के साथी राजस्थान पुलिस द्वारा आयोजित कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में लिखित पेपर उत्तीर्ण किया पांचौड़ी के युवा साथी जितेंद्र मेघवाल पिताजी का नाम दलाराम मेघवाल ने राजस्थान पुलिस द्वारा आयोजित कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में लिखित पेपर पास किया है बहुत-बहुत बधाई अब आप शारीरिक टेस्ट के के लिए अपना प्रयास फुल करें Rajasthan police constable result 2018: राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा परिणाम 2018 का इंतजार खत्म हो गया है। लिखित परीक्षा परिणाम राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट police.rajasthan.gov.in पर जारी किया गया। 14 व 15 जुलाई को 13142 पदों के लिए करीब 12 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (रिक्रूटमेंट) प्रशाखा माथुर ने बताया कि राजस्थान सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि 13,142 पदों के लिए करीब 15 लाख आवेदन आए थे। करीब 12 लाख उम्मीदवार परीक्षा में बैठे।'
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